1 स्वरग ह परमेसर के महिमा के बखान करत हे;
अकास ह ओकर हांथ के काम ला परगट करत हे।
2 हर दिन ओमन बखान करथें;
हर रथिया ओमन गियान परगट करथें।
3 ओमन के कोनो बोली नइं ए, ओमन कोनो सबद के उपयोग नइं करंय;
ओमन ले कोनो अवाज सुनई नइं देय।
4 तभो ले ओमन के अवाज जम्मो धरती म जाथे,
ओमन के सबद संसार के छोर तक हबरथे।
अकास म परमेसर ह सूरज बर एक तम्बू ताने हवय।
5 येह एक दूल्हा के अपन कमरा ले बाहिर निकलके आय सहीं ए,
येह एक बिजेता के सहीं अय, जऊन ह अपन दऊड़ ला दऊड़े बर आनंदित हे।
6 येह अकास के एक छोर ले निकलथे
अऊ दूसर छोर तक चक्कर लगाथे;
जम्मो चीज ला येकर गरमी मिलथे।
7 यहोवा के कानून ह बिलकुल सही ए,
अऊ येह आतमा ला ताजा कर देथे।
यहोवा के बिधिमन भरोसा के लईक अंय,
अऊ येमन सधारन मनखे ला बुद्धिमान बना देथें।
8 यहोवा के उपदेसमन सही अंय,
अऊ येमन हिरदय ला आनंदित करथें।
यहोवा के हुकूममन चमकीला एं,
अऊ येमन आंखी ला अंजोर देथें।