4 ह यहव क बसवसयगय मनखमन, तमन ओकर महम क गत गवव;
ओकर पबतर नव क परसस करव।
5 कबरक ओकर गसस छन भर क हथ,
पर ओकर करप ह जनग भर रहथ;
रवई ह रथय भर रह सकथ,
पर आनद क समय ह बहनय आथ।
4 ह यहव क बसवसयगय मनखमन, तमन ओकर महम क गत गवव;
ओकर पबतर नव क परसस करव।
5 कबरक ओकर गसस छन भर क हथ,
पर ओकर करप ह जनग भर रहथ;
रवई ह रथय भर रह सकथ,
पर आनद क समय ह बहनय आथ।