5 काबरकि ओकर गुस्सा छीन भर के होथे,
पर ओकर किरपा ह जिनगी भर रहिथे;
रोवई ह रथिया भर रह सकथे,
पर आनंद के समय ह बिहनियां आथे।
5 काबरकि ओकर गुस्सा छीन भर के होथे,
पर ओकर किरपा ह जिनगी भर रहिथे;
रोवई ह रथिया भर रह सकथे,
पर आनंद के समय ह बिहनियां आथे।
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