11 हे मोर लइकामन, आवव, मोर बात ला सुनव;
मेंह तुमन ला यहोवा के भय मानना सिखोहूं।
12 तुमन म ले जऊन ह भी जिनगी ले मया करथे
अऊ बहुंते बने दिनमन ला देखे के ईछा करथे,
13 त ओह अपन जीभ ला खराप बात ले
अऊ अपन मुहूं ला लबारी बात ले दूरिहा रखय।
14 बुरई ला छोंड़के भलई करव;
सांति के खोज म रहव अऊ ओकर पाछू लगे रहव।
15 यहोवा के नजर ह धरमीमन ऊपर लगे रहिथे,
अऊ ओकर कान ह ओमन के गोहार के तरफ लगे रहिथे;
16 पर यहोवा ह बुरई करइयामन के बिरोध करथे,
ताकि ओह ओमन के नांव ला धरती ले मिटा देवय।
17 धरमीमन गोहारथें, अऊ यहोवा ह ओमन के सुनथे;
ओह ओमन ला ओमन के जम्मो समस्या ले बाहिर निकालथे।
18 यहोवा ह टूटे मनवाला के लकठा म रहिथे
अऊ ओमन के उद्धार करथे, जऊन मन आतमा म बहुंत दुखी होथें।
19 धरमी मनखे करा बहुंत समस्या हो सकथे,
पर यहोवा ह ओला ओकर जम्मो समस्या ले निकालथे;