3 यहोवा ऊपर भरोसा रखव अऊ भलई करव;
देस म रहिके सुरकछित निवास के आनंद उठावव।
7 यहोवा के आघू म चुपेचाप रह
अऊ धीरज धरके ओकर इंतजार कर;
जब मनखेमन अपन योजना म सफल होथें
या अपन दुस्टता के काम ला करंय, त झन कुढ़बे।
11 पर नम्र मनखेमन देस के वारिस होहीं
अऊ सांति अऊ धन-संपत्ति के आनंद उठाहीं।
25 मेंह जवान रहेंव अऊ अब डोकरा हो गे हंव,
पर मेंह ये बात कभू नइं देखेंव कि धरमीमन ला तियाग दिये गीस
या ओमन के लइकामन खाय बर भीख मांगिन।