3 ओह मल एक नव गत दस, हमर परमसर क इसतत कर बर एक ठन भजन दस। बहत जन दखह अऊ यहव क भय मनह अऊ ओकर ऊपर भरस करह।
3 ओह मल एक नव गत दस, हमर परमसर क इसतत कर बर एक ठन भजन दस। बहत जन दखह अऊ यहव क भय मनह अऊ ओकर ऊपर भरस करह।