4 जब मेंह अपन मन के बात ला रखथंव,
त मोला ये बातमन सुरता आथें:
मेंह कइसे उत्सव मनावत भीड़ के संग
परमेसर के सुरकछा म
आनंद अऊ परसंसा के जय-जयकार करत
परमेसर के घर म जाय के आदि रहेंव।
4 जब मेंह अपन मन के बात ला रखथंव,
त मोला ये बातमन सुरता आथें:
मेंह कइसे उत्सव मनावत भीड़ के संग
परमेसर के सुरकछा म
आनंद अऊ परसंसा के जय-जयकार करत
परमेसर के घर म जाय के आदि रहेंव।