1 हे परमेसर, अपन बड़े मया के मुताबिक
मोर ऊपर दया कर;
अपन बड़े करूना के मुताबिक
मोर अपराधमन ला मिटा दे।
2 मोर जम्मो अधरम ला धो डार
अऊ मोर पाप ले मोला सुध कर।
3 काबरकि मेंह अपन अपराध ला जानत हंव,
अऊ मोर पाप ह हमेसा मोर आघू म रहिथे।
4 मेंह तोर, सिरिप तोर बिरूध म पाप करे हवंव
अऊ ओहीच काम करे हवंव, जऊन ह तोर नजर म पाप ए;
एकरसेति तेंह अपन फैसला म सही अस
अऊ जब नियाय करथस, त सही नियाय करथस।
10 हे परमेसर, मोर म एक सुध हिरदय बना,
अऊ मोर भीतर म नवां किसम ले एक अटल आतमा स्थापित कर।
17 टूटे मन ह परमेसर बर योग्य बलिदान ए;
एक टूटे अऊ पछतापी मन
हे परमेसर, तेंह येला तुछ नइं समझस।