1 हे मोर मनखेमन, मोर सिकछा ऊपर धियान देवव;
मोर मुहूं के बात ला सुनव।
2 मेंह अपन बात एक पटंतर म करहूं;
मेंह गुपत बात, पुराना जमाना के बात बताहूं—
3 ओ बात जेला हमन सुने हन अऊ जान ले हन,
ओ बात जेला हमर पुरखामन हमन ला बताय हवंय।
4 यहोवा के परसंसा के काम,
ओकर सामर्थ, अऊ ओकर करे गे अद्भूत काममन ला
हमन ओमन के संतानमन ले नइं छुपावन;
हमन अवइया पीढ़ी के मनखेमन ला बताबो।
5 ओह याकूब बर बिधिमन ला ठहिराईस
अऊ इसरायल म कानून स्थापित करिस,
जेकर बारे म ओह हमर पुरखामन ला हुकूम दीस
कि ओमन अपन लइकामन ला ओकर सिकछा देवंय,
6 ताकि अवइया पीढ़ी के मनखेमन ओला जानंय,
अऊ त अऊ ओ लइकामन घलो जेमन जनम लेवइया हें,
अऊ बाद म ओमन अपन लइकामन ला सिखोवंय।
7 तब ओमन परमेसर ऊपर अपन भरोसा रखहीं
अऊ ओमन ओकर काममन ला नइं भूलहीं
पर ओकर हुकूममन ला मानहीं।
8 ओमन अपन पुरखामन सहीं नइं होहीं—
जेमन हठीला अऊ बिदरोही रिहिन,
जेमन के मन म परमेसर के प्रति भक्ति नइं रिहिस,
जेमन के आतमा ह परमेसर बर बिसवासयोग्य नइं रिहिस।