12 धरमी मनखे ह खजूर के रूख सहीं फूलही-फरही,
ओमन लबानोन के देवदार सहीं बढ़हीं;
13 यहोवा के घर म रोपे जाके,
ओमन हमर परमेसर के अंगना म फूलहीं-फरहीं।
14 ओमन बहुंत उमर होय के बाद घलो फर दीहीं,
ओमन तरो-ताजा अऊ हरियर रहिहीं,
15 अऊ ये घोसना करहीं, "यहोवा ह नियायी अय;
ओह मोर चट्टान ए, अऊ ओमा कोनो दुस्टता नइं ए।"