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Ezequiel 36

इसएल परमसवर आश

1 "णस सन, इसएल पह़ां भवियवकरककह, इसएल पह़ों, यहवचन ो। 2 परमसवर यहकहवै: मन कहै, आहा! बखत ्‍जगहां इब हक आगी’ 3 इस रण भवियवकरककह, परमसवर यहकहवै: णसां ीं उजअर ांओडीं इसिगळ िथम बचां36:3 बची होई जात्तां लोवै-धोवै की जात्तां जो यरुशलेम के पतन के पाच्छै रह गई थी अर उननै उसतै फायदा ठाया होगा। हक , अर बकविकरअर आम णस िकरैं; 4 इस रण, इसएल पह़ों, परमसवर यहवचन ो, परमसवर यहकहवै, िपह़ां अर पह़िाँ अर ळयां अर तरइयां ै, अर उजड़े खणडहरां अर िजन नगरां ांओडबचां अर उनकाँसण रण ैं; 5 परमसवर यहकहवै, पक्‍मन्‍अपणजळण आग बचां अर एदिकहिननीं अपणमन आननअर घमणअपणहक करयपरै। 6 इस रण इसएल ें भवियवकरकपह़ां, पह़िाँ, ळयां, अर तरइयां कह, परमसवर यहकहवै, ो, थमनां िसह36:6 थमनै जात्तां की निन्दा सही सै गैर जातियाँ नै उनकी निन्दा की थी।, इस रण अपणबड़ी जळजळहट ूं। 7 परमसवर यहकहवै: मन्‍कसम सक ांओडैं, उननअपणिसहणपड़ैी।"

8 "पर, इसएल पह़ों, िाँ पनपैंअर उनकफळ रजइसएल तर ैंे; ूँउसकहडआणै। 9 ो, पकूं, अर ओडि करुँा, अर थम े-ओगे; 10 अर घणणस िइसएल घर्‍बसा; अर नगर बसअर खणडहर बणैंे। 11 णस अर पश्‍घणबढ़ाा; अर बढ़ैंअर ्‍ै-फळगें; अर थमनबखत तरिां बसा, अर हलघणभलकरुँा। थम यहूं। 12 इसकरुँणस िरजइसएल ्‍ै-िी; अर ्‍िैंे, अर थम उनकअपणिैंे, अर रण बस ैंे। 13 परमसवर यहकहवै: णस कहकरैं, णसां णआळै, अर अपणबसि बस कर ै,’ 14 इस करकणसां ा, अर अपणबसि बस करा, परमसवर यहै। 15 ि-ि णसां िणवा, अर ीं ि-ि ओडिसहणपड़ैी, अर बसि ्‍कर ा, परमसवर यहै।"

इसएल नयवन

16 यहवचन हच17 "णस सन, िइसएल घर्‍ां अपणरहवा, अपणचलण अर ां जरिउसनअशकरे; उनकचलण ीं ऋतमतअशधतिपड़ै ी। 18 इस करकहतउननकरी, अर ीं अपणरतां जरिअशकरया, इसकरण मन्‍उनपअपणजळजळहट भड19 मन्‍उन ीं ि-ि ितर-बितर करया, अर श-दिखरगे; उनकचलण अर ां िमन्‍उनतसजी। 20 पर िउन ां हचिहचगये, उननपविीं अपविठहर36:20 फेर उननै मेरे पवित्र नाम ताहीं अपवित्र ठहराया गैर जातियाँ यो कहवै के ये माणस परमेसवर की प्रजा सैं, थारे कारण मेरे पवित्र नाम की अपमान करैं थे। गैर जात कैदियाँ की बुरी हालत देखकै कहवै थी के यहोवा सिर्फ एक राष्ट्रीय देवता सै जिस म्ह शक्ति न्ही के अपणी बेट्टियाँ नै बचाले।, ूँणस उनककहण े, यहरजैं, पर उसकि़े गए ैं।’ 21 पर मन्‍अपणपविखबर ी, िसनइसएल घर्‍ीं उन ां अपविठहरा, जड़ै गये।"

22 "इस रण इसएल घर्‍कह, परमसवर यहकहवै: इसएल घर्‍े, इसनतर ी, पर अपणपविअनकरुँ ूं िसतथमनउन ां ीं अपविठहरजड़ै थम गये। 23 अपणबड़े पविठहरा, ां अपविठहरगया, िीं थमनउनकिअपविकरया; अर िउनकनजर पविठहरूँा, यहूं, परमसवर यहै। 24 थमनां ूँा, अर ां कठकरुँा; अर थमनअपणोंहचिुँा। 25 िूँा, अर थम ओगे; अर थमनअशधतअर रतां करुँा। 26 थमननयमन ा, अर ितर नई आतकरुँा; अर पतथर ििथमनाँिा। 27 अपणआतितर इसकरुँथम ििाँ ्‍अर ियमां नकउनकिकरे। 28 थम उस बसमन्‍ितरां िा; अर थम रजठहरे, अर परमसवर ठहरूँा। 29 थमनअशधत़ाा, अर अन्‍उपजण कम ै, उसनबढ़ाअर ूँा। 30 दरखतां फळ अर फसल बढ़ाा, ां रण िी। 31 थम अपणचलण अर अपणां आचे, करकअपणअधरअर िां रण अपणआप करे। 32 परमसवर यहै, थम इसनतर करदा। इसएल घर्‍अपणचलण शरिअर ुँै।"

33 "परमसवर यहकहवै, िथमनअधरकरुँा, नगरां बसा; अर खणडहर बणैंे। 34 आण-जआळयां उजै, उजबदला। 35 अर णस कहकरैंे, उजा, अदन िा, अर नगर खणडहर अर उजअर गये, गढआळ, अर बसगयैं।’ 36 ै-बचरहवैंी, मन्‍यहीं बणा, अर उजैं, मन्‍यहकहा, अर इसकरुँा।"

37 "परमसवर यहकहवै, इसएल घर्‍िनतकरउनकतर करुँ; िउन णसां िणत़-बकरिाँ तरिां बढ़ाँ। 38 िपविबखत ़-बकरिाँ, िियत ां बखत यरशल़-बकरिाँ अनगिणत ैं उसतरिां नगर इब खणडहर ैं अनगिणत णसां ां भर ैंे। ैंयहूं।"

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