147 मेंह बिहान होय के पहिले उठथंव अऊ मदद बर गोहारथंव;
मेंह तोर बचन ऊपर अपन आसा रखे हंव।
148 मोर आंखी ह रथिया के जम्मो पहर खुला रहिथे,
ताकि मेंह तोर वायदामन ऊपर मनन कर सकंव।
147 मेंह बिहान होय के पहिले उठथंव अऊ मदद बर गोहारथंव;
मेंह तोर बचन ऊपर अपन आसा रखे हंव।
148 मोर आंखी ह रथिया के जम्मो पहर खुला रहिथे,
ताकि मेंह तोर वायदामन ऊपर मनन कर सकंव।