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भजन-संहिता 145

11 ओमन महिबतें

अऊ सकि िें,

12 ि जममनखमन परकरम

अऊ महिमय

13 एक कभखतम नइ,

अऊ परभजम़ी बनरहिे।

यहअपन जमपरतििां करिसवसयअय

अऊ अपन जमघलिसवसयअय145:13 मासोरेटिक मूल-ग्रंथ के बहुंत अकन हस्तलिपि म पद 13 आखिि नइ

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