Publicidade

Ezequiel 16

यभििघरआळउदहरण

1 यहवचन हचा, 2 "णस सन, यरशलउसकिबते, 3 अर उसतकह, यरशल, रभयहकहवै: जनअर उतपति कनिाँ ; िएमअर ाँ ििी।16:3 कनानियाँ के देश तै होई; तेरा पिता तो एमोरी अर तेरी माँ हित्तिन थी। कनानी, एमोरी, हित्ती लोग यहोवा नै अपणे परमेसवर के रूप म्ह न्ही पूज्जै थे। इस्राएली इन सारे माणसां नै अनैतिक और मूर्तिपूजक मान्‍नै थे। 4 जनइस तरिां ििी, उस िटयगया, तर गई, मळगयअर िकपड़े लपगई5 िदयनजर इन ां तर एक करयै; बलकअपणजनििरण ्‍ेंगई ी।"

6 "ििकडा, अर ीं लहा, मन्‍कहा, लहिरह;ाँ, मन्‍कहा, लह, िरह7 मन्‍ीं तरिां बढ़ाा, अर बढे-बढबड़ी अर घणथरी; िाँ , अर बढ़े; ी।"

8 "मन्‍ीं ा, अर इब जन्‍ी; इस करकमन्‍ीं अपणकपड़ा ओढ़ाीं ाँिा; अर कसम करकरयअर ी, रभयहै।16:8 एक माणस के जरिये एक जनान्‍नी के उप्पर अपणे कपड़े का किनारा फैलाणा इस बात इशारा था, जो यो दर्शान खात्तर था के वो उसतै ब्याह करण अर उसका समर्थन करण की पेशकस करण लागरया था (रूत 3.9 की तुलना करें)। 9 मन्‍ीं लहिा, अर मळा। 10 मन्‍ीं कपड़े अर इसां चमड़े ि; अर कमर सण ाँा, अर ीं शमकपड़ा ओढ़ाा। 11 मन्‍ृंकरया, अर ां ़िाँ अर गळिहरा। 12 मन्‍नथलअर ्‍ां ि, अर ियमधरया। 13 गहण्‍े-ाँअर कपड़े सण, शम अर कपड़े बणे; जन ा, मधअर ा; अर दर, बलकयक ी। 14 दरति रजां लगी, ूँउस रतरण, मन्‍अपणओडीं िा, दर ी, रभयहै।"

15 "पर अपणदरतभरकरकअपणमवररण यभिकरण ी, अर िां घणकरकरया, अर ीं हवउसिी। 16 तन्‍अपणकपड़े ग-बिि्‍जगहां बण16:16 तन्‍नै अपणे कपड़े लेकै रंग-बिरंगे मूर्तिपूजा की ऊँच्‍ची जगहां बणा ली पवित्र देश म्ह मूर्तियाँ के मन्दर की इसी सजावट दर्शावै सै के ये कृतघ्न माणस परमेसवर प्रदत्त धन अर शक्ति नै उन झूठ्ठे देवत्यां की सेवा म्ह किस तरियां लगा रहे थे।, अर उनपयभिकरया, इसकरकरयकदअर ैंे। 17 तन्‍अपणिगहणि्‍े-ाँे, उनतणसां ि बणी, अर उनतयभिकरण ी; 18 अर अपणकपड़े उन िाँ ीं कपड़े िहर, अर अर 16:18 मेरा तेल अर मेरी धूप तेल उस देश का पैदावार था अर धूप तेल के बदले आयात करी जावै थी। दोन्‍नु ए परमेसवर की आशीष थे बलके उसी के थे तोभी तेल अर धूप जो परमेसवर की आराधना कै खात्तर त्यार करया जावै था, मूर्तिपूजा के काम म्ह लिया जा रह्या था। उनकचढ़ाा। 19 जन मन्‍ीं िा, िा, अर शहद ीं ा, तन्‍उन िाँ खदयक गनकरकधरया; रभयहइसा। 20 तन्‍अपणे-िाँ ीं मन्‍ीं िे, उन ीं िाँ बलिकरकचढ़ायभिइसी; 21 तन्‍ल-बच्‍उन रतां आगआग चढ़ाकरैं? 22 तन्‍अपणिां अर यभिकरद, अपणबचपन िां ीं तन्‍कदकरया, िअपणलही।"

यरशलवन एक तरिां

23 "उस ा? रभयहै, , ! 24 तन्‍एक मट बणविा, अर हर एक एक ्‍जगहां बणवी; 25 अर एक-एक सडितन्‍अपण्‍जगहां बणवअपणदरतिकरी, अर हर एक िकरतर महयभििी। 26 तन्‍अपणपड़ोिणसां ी, े-ैं, यभिकरय16:26 तन्‍नै अपणे पड़ोसी मिस्री माणसां तै भी, जो मोट्टे-ताजे सैं, व्यभिचार करया मिस्री माणसां के मूर्तिपूजा, प्राकृतिक शक्तियाँ की पूजा जो खास तौर पै कामुक होवै थी। अर ीं ितर अपणयभिबढ़ागई27 इस रण मन्‍अपणिबढ़ाै, हर िघटिा, अर रण पलिजन्‍महशरमै, उनकइचमन्‍ीं िै। 28 ी, इस करकतन्‍अशणसां यभिकरया; अर उनतयभिकरण ी। 29 ण-दयभिकरदे-करदकसदिाँ 16:29 कसदियाँ के देश बेबीलोन ीं हची, अर ओड़ै ी।"

30 "रभयहििचल करै, शरैं? 31 तन्‍हर एक सडिअपणमट, अर हर ौंअपण्‍जगहां बणवै, इसतरिां ठहरी? ूँइसकमाँै। 32 यभििघरआळै। परणसां अपणघरआळबदलरहण करै। 33 पयिै, पर तन्‍अपणां ीं रपिै, अर उन ीं लच िांओडआकयभिकरैं। 34 इस तरिां यभिसरयभििाँ उलटै। यभिलदा, अर िी, बलकै; इस रण उलटठहरी।"

यरशलीं परमसवर सज

35 "इस रण, िसघयरशल, यहवचन , 36 रभयहकहवै: तन्‍यभिघणशरै, अपणशरअपणां ीं िा, अर अपणरतां िकरे, अर अपणळकां लहबहउन ीं बलि चढ़ाै, 37 इस करक, ां करण आळैं अर ितनतन्‍ि लग, अर ितनतन्‍ा, उन रयांओडिकठकरकउननकरकिा, अर शरैंें। 38 ीं इससजा, ियभिििाँ अर लहबहआळजनिाँ ै; अर अर जळण लहबहा। 39 इस तरिां ीं उनकबस कर िुँा, अर मटां ़ा ैंे, अर ्‍जगहां ैंे; कपड़े धक्‍उतैंे, अर दर गहणैंे, अर ीं करकैंे। 40 िएक सभकठकरकपतथर ैंे, अर अपणकटां आर-पैंे। 41 आग लगघरां जळैंे, अर ीं घणजनिाँ खदसजैंे; अर यभिबनकरुँा, अर ि तर ी। 42 िजळजळहट रगट कर ूँा, और जळूंबलका, अर करुँा। 43 तन्‍अपणबचपन िे, बलकइन ां जरिीं ि़ाा; इस रण चलण िूँअर अपणिछलिां अर घणमहकरी, रभयहै।"

िाँ उस

44 यहकह", यरशल, कहवत कहवैंे, िाँ उसी।’ 45 ाँ अपणघरआळअर बचां करी, ाँ तरिां िकड़ी; अर अपणे-अपणघरआळअर बचां करी, उनकिकड़ी। ाँ ििअर िएमा। 46 बड़ी मरिै, अपणिाँ समओळओडरहवै, अर , िओडरहविाँ समसदै।16:46 यह आयत सामरिया और सदोम ताहीं यरुशलेम की भाणां के रूप म्ह पहचानै सै। सामरिया, इस्राएल के उत्तरी राज्य की राजधानी थी जिसे 722 ईसा पूर्व म्ह असीरिया नै हराकै निर्वासित कर दिया था। 47 उनकि्‍ी, अर उनकििां ; घणठहरदी, पर चलण उनतघणिगडा। 48 रभयहै, वन कसम, सदअपणिाँ समअर िाँ तरिां करे। 49 , सदअधरा, अपणिाँ समघमणकरदी, भर-भरकअर ख-चरहवी; अर न-दरिसमी। 50 सदघमणकरकिकरण ी, अर खकमन्‍उन ीं कर िा। 51 मरिथम यरशलणसां आधकरे, तन्‍उसतबढिकरे, अर अपणिां जरिअपणां तगी। 52 इस करकतन्‍अपणां करया, इस रण लजिो, ूँतन्‍उनतबढिकरैं; इस करककम ठहरैं। इस करकइस शरकर अर शररह, ूँतन्‍अपणां ीं कम ठहरै।"

सदअर मरिबण

53 "िउननििाँ समसदअर मरिहड़ा ा, उनकििाँ हड़ा ा, 54 िसतशररहवै, अर अपणां खकलजै, ूँउनकि रण ै। 55 सदअर मरिअपणी-अपणिाँ समअपणहललत ोंहचैंी, अर अपणिाँ समअपणहललत ोंहचैंी। 56 िीं रगट ी, ििबखत ीं ै-णसां समअरअर पलिजनिाँ इब ांओडीं िकमैं, मधरकरी, 57 उन अपणघमणिां अपणसदी। 58 पर इब ीं अपणमहअर िां आपपडै, यहै।"

एक करसदतक ठहर

59 "रभयहकहवै: इसबरतकरुँा, ितन्‍करयै, ूँतन्‍करकसम ीं िकमै, 60 बचपन िां अपणकरकरुँा, अर सदकराँूँा। 61 िअपणां िअपणबड़ी अर ां अपणै, अपणचलण करकलजिी; अर उननठहरिुँा; पर करिकरुँा।16:61 रोम. 6:21 62 अपणकरिकरुँा, अर यहूं,16:62 यहे. 37:26 63 िसतकरकलजिो, अर शरकदुँ्‍ै। उस बखत ा, िां ाँूँा, रभयहै।"16:63 भजन. 78:38

Veja também

Bíblia Online Bíblia Online

Bíblia Online • Versão: 2026-07-05_19-25-13-