मन्दिर से बोहातो झरनो
1 फिर उ मेखे भवन का दरवाजा पर वापस ली आयो; अरु भवन की डेवढी का निच्चे से एक झरनो निकली खे पुर्व का तरफ बोवइ रो थो. 2 तब उ मेखे उत्तर का फाटक से हुइखे बाहेर ली गयो, अरु बाहेर बाहेर से घुमइ खे बाहेर मनजे पुर्वमुखी फाटक का पास पहुचइ दियो, अरु दक्षिणी तरफ से पाणी पसीज करीखे बोहइ रो थो.