17 भगवान लरका के रोमै के आरो के सुनिस, भगवान अपन दूत के पठोथै हाजिरा के लिघ्घो, अउ ओखर लग पूंछथै, तोके का हुइ गय हबै? झइ डर, जिहां तोर लरका हबै, उहां लग भगवान ओखर आरो के सुने हबै। 18 उठ अपन हाथ लग लरका के सम्भार, काखे मै उके बोहत मनसेन के बाफ बनइहों। 19 तब भगवान ओखर आंखी के हइ मेर लग उंघारथै, कि ऊ अक्ठी पानी के कुंवा देख सकै, इहैनिता हाजिरा कुंवा कर लिघ्घो गइस, अउ अपन थइला के पानी लग भर के पिलाइस।