17 तब भुंइ हे चालीस दिन अउ चालीस रात तक पानी गिरथै, अउ पानी बहोत बढत जथै, जेखर लग जिहाज ऊंच उठ जथै। 18 पानी भुंइ हे बोहत बढ जथै, कि जिहाज पानी हे पइरे लगथै।
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17 तब भुंइ हे चालीस दिन अउ चालीस रात तक पानी गिरथै, अउ पानी बहोत बढत जथै, जेखर लग जिहाज ऊंच उठ जथै। 18 पानी भुंइ हे बोहत बढ जथै, कि जिहाज पानी हे पइरे लगथै।