यिर्मयाह की फेर तै शिकायत
14 श्रापित हो वो दिन जिस म्ह मै पैदा होया! जिस दिन मेरी माता नै मेरे ताहीं जन्म दिया वो धन्य ना हो! 18 मै क्यूँ उड़दंग अर शोक भोग्गण कै खात्तर जाम्या अर के अपणे जीवन म्ह मेहनत अर दुःख देक्खूँ, अर अपणे दिन बदनामी म्ह गुजारुँ?