17 इहैनिता दोनोझन स्वरगदूत लूत अउ ओखर परवार के सहर के बाहिर पहुंचाय देथै, जब ऊ बाहिर हुइ गइस ता ऊ सहर मसे अकझन मनसे कथै, "अपन जीवन के बचामै के निता भागा, तब तक भागत रहा जब तक डोंगर हे न पहुंचा अगर तुम असना नेहको करिहा, ता तुम सहर के संग नास हुइ जइहा।"