17 तबा मीजवान ना उनला नगर को बाहेर उनको लक कह्यो, "अपनो जिन्दगी लाय पराव, अना पिच्छू मुरक के नोको चोवने, अना घाटी मा नोको रुकने। पहाड़ी मा धावने नही ता तुम्हीच भसम होय जावने।"
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17 तबा मीजवान ना उनला नगर को बाहेर उनको लक कह्यो, "अपनो जिन्दगी लाय पराव, अना पिच्छू मुरक के नोको चोवने, अना घाटी मा नोको रुकने। पहाड़ी मा धावने नही ता तुम्हीच भसम होय जावने।"
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