नया करार
31 "फेर यहोवा की या भी वाणी सै, सुण, इसे दिन आण आळे सैं जिब मै इस्राएल अर यहूदा के घरान्यां तै नया करार करुँगा31:31 नया करार करुँगाइस नये करार की नींव होगा पापां की माफी। यानिके यो पूरी तरियां तै निर्मोल प्यार (जिसके खात्तर हमनै मेहनत न्ही करी) मन ताहीं इसा प्रभावित करैगा के आज्ञाकारिता एक अन्दरूनी जरूरत बण जावैगी। । 32 वो उस करार की तरियां ना होवैगा जो मन्नै उनके पुरखां तै उस बखत करया था जिब मै उनका हाथ पकड़कै उननै मिस्र देश तै लिकाड़ ल्याया, क्यूँके जै मै उनका पति था, तोभी उननै मेरा वो करार तोड़ दिया। 33 पर जो करार मै उन दिनां कै बाद इस्राएल के घराने तै करुँगा, वो यो सै: मै अपणे नियम-कायदे उनकै मन म्ह समाऊँगा, अर उसनै उनके हृदय पै लिक्खूँगा; अर मै उनका परमेसवर ठहरूँगा, अर वे मेरी प्रजा ठैहरैगें, यहोवा की या वाणी सै।31:33 2 कुरि. 3:3; इब्रा. 8:10-11; रोम. 11:26-27