धन्यवाद का गीत
1 उस दिन12:1 उस दिन पिछले अध्याय म्ह जिस दिन का संदर्भ सै, मसीह के आगमन का बखत जिब उसके राज्य का प्रभाव हर जगहां दिखाई देवैगा। गावैगा, "हे यहोवा, मै तेरा धन्यवाद करुँ सूं, क्यूँके जद तू मेरे पै छो म्ह होया था, पर इब तेरा छो शान्त होया, अर तन्नै मेरे ताहीं शान्ति दी सै।"
2 देक्खो12:2 देक्खो भजन. 118:14; निर्ग. 15:2. "परमेसवर मेरा उद्धार सै, मै भरोस्सा राखूँगा अर ना थरथराऊँगा; क्यूँके प्रभु यहोवा मेरा बल अर मेरे भजन का विषय सै, अर वो मेरा उद्धारकर्ता होग्या सै।"
3 थम आनन्द कै गैल उद्धार के सोत्यां तै पाणी भरोगे। 4 अर उस दिन थम कहोगे, "यहोवा की स्तुति करो, उसतै अपणी मदद खात्तर प्रार्थना करो; सारी जात्तां म्ह उसके बड़े काम्मां का प्रचार करो, अर कहो के उसका नाम महान सै।"
5 "यहोवा का भजन गाओ, क्यूँके उसनै प्रतापमय काम करे सैं, इस करकै सारी धरती पै जाहिर करो।12:5 महिमा की बात, जो खुशी कै लायक सैं, याद करण लायक रही सैं, जो बात गौरव की, महान अर अदभुत सैं। 6 हे सिय्योन म्ह बसण आळी तू जयजयकार कर अर ऊँच्चे स्वर तै गा, क्यूँके इस्राएल का पवित्र परमेसवर तेरे म्ह महान सै।"