1 यशायाह नबी न्यू कहवै सै, प्रभु यहोवा का आत्मा मेरे पै सै; क्यूँके यहोवा नै सुसमाचार सुणाण कै खात्तर मेरा अभिषेक करया अर मेरे ताहीं इस करकै भेज्या सै ताके दुखी मन के माणसां नै शान्ति दियुँ; ताके बन्दियाँ खात्तर आजादी का अर कैदियाँ कै खात्तर छुटकारै का प्रचार करुँ; 2 के यहोवा के खुश रहण के साल का अर म्हारे परमेसवर के पलटा लेण के दिन का प्रचार करुँ; ताके सारे विलाप करण आळयां नै शान्ति दियुँ। 3 अर सिय्योन के विलाप करण आळयां के सिर पै की राख दूर करकै सुन्दर पगड़ी बाँध दियुँ, के उनका विलाप दूर करकै खुशी का तेल लगाऊँ अर उनकी उदासी हटाकै यश का ओढ़णा ओढ़ाऊँ; जिसतै वे धार्मिकता के बांज दरखत अर यहोवा के लगाऐ होए कुहवावै अर जिसतै उसकी महिमा प्रगट हो। 4 फेर वे यहूदा के रहणआळो सैंकड़ों साल्लां की उजड़ी होई जगहां नै फेर बसावैंगे, पिछले बखत तै पड़े होए खण्डहरां म्ह वे फेर घर बणावैंगे; उजड़े होए नगरां ताहीं जो पीढ़ी-पीढ़ी तै उजड़े होए हों वे फेर नये सिरे तै बसावैंगे।
5 परदेशी आ खड़े होवैंगे अर थारी भेड़-बकरियाँ नै चरावैंगे अर विदेशी माणस थारे हळ चलाण आळे अर दाख की बारियां के माळी होवैंगे; 6 पर थम यहोवा के याजक कुहवाओगे, वे थमनै म्हारे परमेसवर के सेवक कहवैंगे; अर थम जात्ति-जात्ति की जायदाद ताहीं खाओगे, उनके वैभव की चीज पाकै थम बड़ाई करोगे। 7 थारी बदनाम्मी कै बदलै दुगणा हिस्सा मिलैगा, अनादर कै बदलै थम अपणे भाग कै कारण जयजयकार करोगे; थम अपणे देश म्ह दुगणे भाग के अधिकारी होओगे; अर सदा आनन्दित बणे रहोगे।
8 यहोवा न्यू कहवै सै, क्यूँके, मै यहोवा न्याय तै प्यार राक्खूँ सूं, मै अन्याय अर डकैती तै घृणा करुँ सूं; इस करकै मै उननै उनका प्रतिफळ सच्चाई तै देऊँगा, अर उनके गैल सदा का करार करुँगा। 9 उनका वंश जात्ति-जात्ति म्ह अर उनकी औलाद देश-देश कै माणसां कै म्ह बीच प्रसिद्ध होवैगी; जितने उननै देखैगें, पिच्छाण लेंगे के यो वो वंश सै जिस ताहीं परमेसवर नै आशीष दी सै।
10 मै यहोवा कै कारण घणा आनन्दित होऊँगा, मेरा प्राण परमेसवर कै कारण मगन रहवैगा; क्यूँके उसनै मेरे ताहीं उद्धार के कपड़े पिहराए, अर धार्मिकता की चाद्दर इसी ओढ़ा दी सै जिसा दुल्हा फूल्लां की माळा तै अपणे-आपनै सजावै अर दुल्हन अपणे गहण्यां तै अपणा सिंगार करै सै। 11 क्यूँके जिसी धरती अपणी उपज नै उगावै, अर बारी म्ह जो कुछ बोया जावै सै उसनै वो उपजावै सै, उस्से तरियां प्रभु यहोवा सारी जातियाँ कै स्याम्ही धार्मिकता अर धन्यवाद नै बढ़ावैगा।