1 मोआब के विनाश के बखत यहूदा देश म्ह यो गीत गायां जावैगा, "म्हारा एक मजबूत नगर सै; उद्धार का काम देण कै खात्तर वो उसकी शहरपनाह अर गढ़ ताहीं ठहराया करै सै। 2 शहर के फाटकां नै खोल्लो के सच्चाई का पालन करण आळी एक धर्मी जात प्रवेश करै। 3 हे यहोवा फेर परमेसवर की शान्ति, जो माणस की समझ तै परै सै, थारे मन अर विचारां नै मसीह यीशु म्ह सुरक्षित राक्खैगी। जिसका मन तेरै म्ह धीरज धरे होए सैं, उसकी तू पूरी शान्ति कै गैल हिफाजत करै सै, क्यूँके वो तेरै पै भरोस्सा राक्ख सै। 4 यहोवा पै सदा भरोस्सा राख, क्यूँके प्रभु यहोवा सनातन चट्टान सै। 5 वो ऊँच्चे पदआळे नै झुका देवै, जो नगर ऊँच्चे पै बस्या सै उस ताहीं वो नीच्चै कर देवै। वो उसनै धरती पै गिराकै माट्टी म्ह मिला देवै सै। 6 वो पाँयां तै, बलके गरीबां के पैरां तै रोंद्या जावैगा।"
7 धर्मी यहोवा की राह सच्चाई सै; तू जो खुद सच्चाई सै, तू धर्मी यहोवा की अगुवाई करै सै। 8 हे यहोवा, तेरे न्याय की राह म्ह हम माणस तेरी बाट देखदे आए सां; तेरे नाम की याद म्हारे प्राणां म्ह लालसा बणी रहवै सै। 9 रात के बखत मै जी तै तेरी लालसा करुँ सूं, मेरा पूरा मन यत्न तै तेरे ताहीं ढूँढै सै। क्यूँके जिब तेरे न्याय के काम धरती पै प्रगट होवैं सैं, फेर जगत के रहण आळे धार्मिकता नै सीखै सैं। 10 परमेसवर दुष्ट पै दया करैगा पर फेर भी वो धार्मिकता नै ना सीखैगा; धर्म के राज म्ह भी वो बुराई ए करैगा, अर यहोवा का माहात्म्य उसनै समझ न्ही पड़ैगा।
11 हे यहोवा. तो हाँ, परमेसवर के न्याय का दिन आवैगा, अर वो अपणे बिरोधियाँ नै नाश कर देवैगा, अर ये सारी बात होण आळी सै।, तेरा हाथ बढ्या होया सै, पर तेरे बैरी न्ही देखदे। पर वे जाणैगें के तेरे ताहीं प्रजा कै खात्तर किसी जळण सै, अर शर्मिन्दा होवैंगे। 12 तेरे बैरी आग तै भस्म होवैंगे। हे यहोवा, तू म्हारे खात्तर शान्ति ठहरावैगा, हमनै जो किमे करया सै उस ताहीं तन्नै ए म्हारे खात्तर करया सै। 13 हे म्हारे परमेसवर यहोवा, तेरे सिवाय और माल्लिक भी म्हारे पै प्रभुता करै थे, पर तेरी कृपा तै हम सिर्फ तेरे ए नाम का गुणानुवाद करांगे। 14 वे माल्लिक मरगे सैं, फेर कदे जिन्दा न्ही होवैंगे; उन ताहीं मरे घणे दिन होए, वे फेर न्ही उठण के; तन्नै उनका विचार करकै उन ताहीं इसा नाश करया के वे फेर याद म्ह न्ही आवैंगे। 15 पर तन्नै जात्ति ताहीं बढ़ाया; हे यहोवा, तन्नै जात्ति ताहीं बढ़ाया सै; तन्नै अपणी महिमा दिखाई सै अर यहूदा देश की सारी सीमा ताहीं तन्नै बढ़ाया सै।
16 हे यहोवा, दुःख म्ह वे तेरे ताहीं याद करैं थे, जिब तू उननै फटकार देवै था फेर वे दबी आवाज तै अपणे मन की बात तेरै पै जाहिर करै थे। 17 जिस ओड़ै कँपकँपी नै उन ताहीं आ पकड्या, अर जच्चा की तरियां उनकै दर्द होण लाग्या। तरियां गर्भवती जनान्नी जाम्मण कै बखत ऐंठै सै अर दर्द कै कारण चिल्ला उठै सै, हम माणस भी, हे यहोवा, तेरै स्याम्ही उसे तरियां होगे सां। 18 हम भी गर्भवती होए, हम भी ऐंठै, हमनै मान्नो हवा ए ताहीं जन्म दिया। हमनै देश कै खात्तर कोए उद्धार का काम न्ही करया, अर ना जगत के रहण आळे पैदा होए। 19 तेरे मरे होए माणस जिन्दा होवैंगे, मुर्दे उठ खड़े होवैंगे। हे माट्टी म्ह बसण आळेयो, जाग कै जयजयकार करो! क्यूँके तेरी ओस ज्योति तै पैदा होवै सै, अर धरती मुर्दयां नै बोहड़ा देवैगी।
20 हे मेरे माणसों, आओ, अपणी-अपणी कोठड़ी म्ह प्रवेश करकै किवाड़ां नै बन्द करो; थोड़ी देर ताहीं जिब तक छो शान्त ना हो तब ताहीं अपणे नै छिपा राक्खो। 21 क्यूँके देक्खो, यहोवा धरती के बासिन्दया नै अधर्म की सजा देण कै खात्तर अपणी जगहां तै चल्या आवै सै, अर धरती अपणा खून जाहिर करैगी अर घात करे होया नै और घणा ना छिपा राक्खैगी।