1 यहोवा न्यू कहवै सै, "पर इब हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुणे होए इस्राएल, सुण ले! 2 तेरा कर्ता यहोवा, जो तेरे ताहीं गर्भ तै ए बणान्दा आया अर तेरी मदद करैगा, न्यू कहवै सै: हे मेरे दास याकूब, हे मेरे चुणे होए यशूरून), ना डरै! 3 क्यूँके मै प्यासी धरती पै पाणी अर सूक्खी धरती पै धाराएँ बहाऊँगा; मै तेरे वंश पै अपणी आत्मा अर तेरी औलाद पै अपणी आशीष उण्डेलूँगा। 4 बच्चे उन मजनू के पेड़ की तरियां बढ़ैंगे जो धाराओं कै धोरै घास कै बीच म्ह होवैं सैं। 5 कोए कहवैगा, ‘मै यहोवा का सूं,’ कोए अपणा नाम याकूब धरैगा, कोए अपणे हाथ पै लिखैगा, ‘मै यहोवा का सूं,’ अर अपणा कुलनाम इस्राएली बतावैगा।"
6 यहोवा, जो इस्राएल का राजा सै, यानिके सेनाओं का यहोवा जो उसका छुड़ाण आळा सै, वो न्यू कहवै सै, "मै सबतै पैहला सूं, अर मै ए आखरी तक रहूँगा; मेरे ताहीं छोड़ और कोए परमेसवर सै ए कोनी। 7 जिब तै मन्नै पुराणे बखत म्ह माणसां ताहीं ठहराया, तब तै कौण होया जो मेरी तरियां उस नै प्रचार करै, या बतावै या मेरै खात्तर रचे या होण आळी बात पैहल्या तै ए जाहिर करै? 8 ना डरो अर ना भय खाओ; के मन्नै पुराणे बखत तै ए ये बात थारे ताहीं न्ही सुणाई अर थारे पै जाहिर न्ही करी? थम मेरे गवाह सों। के मेरे ताहीं छोड़ कोए और परमेसवर सै? न्ही, मेरे ताहीं छोड़ कोए चट्टान न्ही; मै किसे और नै न्ही जाणदा।"
9 जो मूरत खोदकै बणावै सैं, वे सारे के सारे बेकार सैं अर जिन चिज्जां म्ह वे आनन्द ढूँढ़ै सै उन मूरतां तै कुछ फायदा न्ही होगा; उनके गवाह, ना तो कुछ आप देक्खै सै अर ना कुछ जाणै सैं, इस करकै उननै शर्मिन्दा होणा पड़ैगा। 10 किसनै देवता या निष्फल मूरत ढाळी सै? 11 देख, उसके साथियाँ नै तो शर्मिन्दा होणा पड़ैगा, कारीगर तो माणस ए सै; मूरतां नै पूजण आळे सब कठ्ठे होकै खड़े हों; वे डर जावैंगे; मूरतां नै बणाण आळे सारे के सारे शर्मिन्दा होवैंगे। 12 लोहार एक बसोल्ला अंगारां म्ह बणावै अर हथौड़े तै गढ़कै त्यार करै सै, अपणी बाजुआं के जोर तै वो उस नै बणावै सै; फेर वो भूखा हो जावै सै अर उसकी ताकत घटै सै, वो पाणी न्ही पीन्दा अर थक जावै सै। 13 बढ़ई सूत लगाकै टाँकी तै निशान करै सै अर रन्दे तै काम करै सै अर परकार तै रेखा खींचै सै, वो उसका आकार अर माणस की जिसी सुन्दरता बणावै सै ताके माणस उसनै मूरत के घर म्ह धरै। 14 वो देवदार नै काटै या बण के दरखतां म्ह तै जात्ति-जात्ति के बांज दरखत चुण कै देख-भाळ करै सै, वो देवदार का एक दरखत लगावै सै जो बारिस का पाणी पाकै बढ़ै सै। 15 फेर वो माणसां के जळाण कै काम म्ह आवै सै; वो उस म्ह तै कुछ सुलगाकै तपै सै, वो उसनै जळाकै रोट्टी बणावै सै; उस्से तै वो देवता भी बणाकै उसनै दण्डवत करै सै; वो मूरत खुदवाकै उसकी भगति करै सै। 16 उसका एक हिस्सा तो वो आग म्ह जळावै सै अर दुसरे भाग तै माँस पका कै खावै सै, वो माँस भूनकै छिक जावै सै; फेर तपकै कहवै सै, "आहा, मै गरम होग्या, मन्नै आग देक्खी सै!" 17 अर उसके बचे होए भाग नै लेकै वो एक देवता यानिके एक मूरत खोदकै बणावै सै; फेर वो उसकै स्याम्ही नमस्कार अर दण्डवत करै अर उसतै प्रार्थना करकै कहवै सै, "मेरे ताहीं बचाले, क्यूँके तू मेरा देवता सै!" 18 वे कुछ न्ही जाणदे, ना कुछ समझ राक्खै सैं; क्यूँके उनकी आँख इसी बन्द करी गई सैं के वे देख न्ही सकदे; अर उनकी बुद्धि इसी बान्ध राक्खी सै के वे समझ न्ही सकदे। 19 कोए इसपै ध्यान न्ही करदा, अर ना किसे नै इतणा ज्ञान या समझ रहवै सै के वो कह सकै, "उसका एक भाग तो मन्नै जळा दिया अर उसके कोयलां पै रोट्टी बणाई; अर माँस भूनकै खाया सै; फेर के मै उसके बचे होए भाग नै घिनोणी चीज बणाऊँ? के मै काठ नै नमस्कार करुँ?" 20 मूरत बणाण आळा राख खावै सै; भरमाई होई बुद्धि कै कारण वो भटकाया गया सै अर वो ना खुद नै बचा सकदा अर ना न्यू कह सकै सै, "के मेरे दाहिने हाथ म्ह झूठ न्ही?"
21 हे याकूब, हे इस्राएल, इन बात्तां नै याद कर, तू मेरा दास सै, मन्नै तेरे ताहीं रच्या सै; हे इस्राएल, तू मेरा दास सै, मै तेरे ताहीं ना भूलूँगा। 22 मन्नै तेरे अपराध्धां ताहीं काळी घटा की तरियां अर तेरे सारे पाप बादळ की तरियां मिटा दिये सै; मेरी और फेर बोहड़ आ, क्यूँके मन्नै तेरे ताहीं छुड़ा लिया सै।
23 हे अकास ऊँच्चे स्वर तै गा, क्यूँके यहोवा नै यो काम करया सै; हे धरती की ढुंघी जगहां, जयजयकार करो; हे पहाड़ों, हे बण, हे बण के सारे दरखतों, गळा खोलकै ऊँच्चे स्वर तै गाओ! क्यूँके यहोवा नै याकूब ताहीं छुड़ा लिया सै अर इस्राएल म्ह महिमावान होवैगा।
24 यहोवा, तेरा उद्धारकर्ता, जो तेरे ताहीं गर्भ तै ए बणान्दा आया सै, न्यू कहवै सै, "मै यहोवा ए सब का बणाण आळा सूं जिसनै एक्ले ए नै अकास ताहीं ताण्या अर धरती ताहीं अपणी ए शक्ति तै फैलाया सै। 25 मै झूठ्ठे माणसां की कही होई निशानियां नै बेकार कर देऊँ सूं अर बुझा पाड़ण आळयां नै बावळा बणा देऊँ सूं; जो बुद्धिमानां ताहीं पाच्छै हटा देऊँ सूं अर उनकी पंडिताई नै मूर्खता बणा देऊँ सूं; 26 अर अपणे दास के वचन नै पूरा करदा अर अपणे दूत्तां की युक्ति नै सफल करुँ सूं; जो यरुशलेम कै बारै म्ह कहवै सै, ‘वो फेर बसाई जावैगी’ अर यहूदा के नगरां कै बारै म्ह, ‘वे फेर बणाये जावैंगे अर मै उनके खण्डहरां नै सुधारूँगा,’ 27 जो ढुंघे पाणी तै कहवै सै, ‘तू सूख जा, मै तेरी नदियाँ नै सूखाऊँगा;’ 28 जो कुस्रू के बारै म्ह कहवै सै, ‘वो मेरा ठहराया होया पाळी सै अर मेरी इच्छा पूरी करैगा;’ यरुशलेम कै बारै म्ह कहवै सै, ‘वो बसाई जावैगी,’ अर मन्दर कै बारै म्ह के ‘तेरी नींव डाल्ली जावैगी।’"