1 घमण्ड के मुकुट पै हाय! जो एप्रैम के मतवाळयां का सै, अर उनकी भड़कीली सुन्दरता पै जो मुरझाण आळा फूल सै, जो घणी उपजाऊ तराई के सिरे पै दाखमधु तै मतवाळयां की सै। 2 देक्खो, प्रभु कै धोरै एक ताकतवर अर सामर्थी सै जो ओळयां की बारिस या उजाड़ण आळी आँधी या बाढ़ की प्रचण्ड धार की तरियां सै वो उस ताहीं कठोरता तै धरती पै गिरा देवैगा। 3 एप्रैमी मतवाळयां के घमण्ड का मुकुट पैरां तै लताड़या जावैगा; 4 अर उनकी भड़कीली सुन्दरता का मुरझाण आळा फूल जो घणी उपजाऊ तराई के सिरे पै सै, वो गर्मी के मौसम तै पैहले पके अंजीर की तरियां होवैगा, जिसनै देखण आळा देखदे ए हाथ म्ह ले अर निगळ जावै।
5 उस बखत सेनाओं का यहोवा खुद अपणी प्रजा के बचे होया कै खात्तर सुन्दर अर इस्राएल का प्रतापी मुकुट ठहरैगा; 6 अर जो न्याय करण नै बेठै सैं उनकै खात्तर न्याय करण आळी आत्मा अर जो चढ़ाई करदे होए दुश्मनां नै नगर के फाटक तै हटा देवैं सैं, उनके खात्तर वो बल ठहरैगा।
7 इस्राएल के पुरोहित और नबी भी दाखमधु कै कारण डगमगावै अर शराब तै लड़खड़ावै सैं; याजक अर नबी भी शराब कै कारण डगमगावै सैं, दाखमधु नै उन ताहीं भूला दिया सै, वे शराब कै कारण लड़खड़ावै अर दर्शन पान्दे होए भटक जावैं, अर न्याय म्ह भूल करैं सैं। 8 क्यूँके सारे भोजन आसन उल्टी अर मल तै भरे सैं, कोए शुद्ध जगहां न्ही बची।
9 "यहोवा किसनै ज्ञान सिखावैगा, अर किसनै अपणी खबर का मतलब समझावैगा? के उननै जो दूध छुड़ाए होए अर छात्ती तै दूर करे होए सैं? 10 क्यूँके हुकम पै हुकम, हुकम पै हुकम, नियम पै नियम, नियम पै नियम थोड़ा उरै, थोड़ा ओड़ै।"
11 वो तो इन माणसां तै परदेशी होठां अर विदेशी भाषा बोलण आळयां कै जरिये बात करैगा; 12 जिनतै उसनै कह्या, "आराम इस्से तै मिलैगा; इस्से के जरिये थके होए ताहीं आराम द्यो;" पर उननै सुणणा ना चाह्या। 13 इस करकै यहोवा का वचन उनके धोरै हुकम पै हुकम, हुकम पै हुकम, नियम पै नियम, नियम पै नियम सै, थोड़ा उरै, थोड़ा ओड़ै, जिसतै वे ठोक्कर खाकै चित्त गिरै अर घायल हो जावैं, अर फंदे म्ह फँसकै पकड़े जावैं।
14 इस कारण हे मजाक करण आळेयो, यरुशलेम के बासिन्दयों प्रजा के हाकिमों, यहोवा का वचन सुणो! 15 थमनै कह्या सै "हमनै मौत तै करार करया अर अधोलोक तै प्रतिज्ञा कराई सै; इस कारण विपत्ति जिब बाढ़ की तरियां बढ़ आवै फेर म्हारे धोरै ना आवैगी; क्यूँके हमनै झूठ की शरण ली अर धोक्खे की आड़ म्ह छिपे होए सैं।" 16 इस करकै जिसा पवित्र ग्रन्थ यीशु मसीह के बारें कहवै सै, "देक्खो, मै यरुशलेम नगर म्ह एक ठेस लाग्गण का पत्थर, अर ठोक्कर खाण की चट्टान राक्खूँ सूं, अर जो कोए उसपै बिश्वास करैगा वो शर्मिन्दा कोनी होवैगा।" प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै, "देक्खो, मन्नै सिय्योन म्ह नींव का पत्थर धरया सै, एक परख्या होया पत्थर, कुणे का अनमोल अर घणी मजबूत नींव कै लायक पत्थर: अर जो कोए बिश्वास राक्खै वो जल्दबाजी न्ही करैगा। थम उस घर की तरियां सों जिसकी नीम प्रेरित अर नबी सै, अर जिसकै कोणे का पत्थर मसीह यीशु आप सै। 17 अर मै न्याय ताहीं डोरी अर धार्मिकता ताहीं साहुल ठहराऊँगा; अर थारा झूठ का शरणस्थान ओळयां तै बह जावैगा, अर थारे छिपण की जगहां पाणी तै डूब जावैगी।" 18 फेर जो करार थमनै मौत तै बाँध्या सै वो टूट जावैगा, अर जो प्रतिज्ञा थमनै अधोलोक तै कराई वो ना ठहरैगी; जिब विपत्ति बाढ़ की तरियां बढ़ आवै, फेर थम उस म्ह डूब ए जाओगे। 19 जिब-जिब वो बाढ़ आवै, तब-तब वो थमनै ले जावैगी; वो हर दिन बलके रात-दिन बढ्या करैंगी; अर इस खबर का सुणणा ए बेचैन होण का कारण होवैगा। 20 क्यूँके बिछोणा पैर पसारण कै खात्तर छोट्टा, अर ओढ़णा ओढ़ण कै खात्तर छोट्टा सै।
21 म्ह गया, अर दाऊद नै उन ताहीं ओड़ैए मारया; फेर उसनै कह्या, "यहोवा मेरै स्याम्ही होकै मेरे दुश्मनां पै पाणी की धारा की तरियां टूट पड़या सै।" इस कारण उसनै उस जगहां का नाम बालपरासीम धरया। क्यूँके यहोवा इसा उठ खड़या होवैगा जिसा वो पराजीम नाम का पहाड़ पै खड़या होया अर जिसा गिबोन की तराई म्ह उसनै छो दिखाया था; वो इब फेर छो दिखावैगा, जिसतै वो अपणा काम करै, जो अचम्भित काम सै, अर वो काम करै जो अनोक्खा सै। 22 इस करकै इब थम मजाक ना करो, न्ही तो थारे बन्धन कसे जावैंगे; क्यूँके मन्नै सेनाओं के प्रभु यहोवा तै न्यू सुण्या सै के सारे देश का सत्यानाश ठाण्या गया सै।
23 कान लगाकै मेरी सुणो, ध्यान धरकै मेरा वचन सुणो। 24 के हळ जोत्तण आळा बीज बोण कै खात्तर लगातार जोतदा रहवै सै? के वो सदा धरती ताहीं चीरदा अर हेंगा फेरदा रहवै सै? 25 के किसान उस ताहीं चौरस करकै सौंफ ताहीं न्ही छितरान्दा, जीरे ताहीं न्ही बखेरदा अर कणक ताहीं कतार-कतार करकै अर जौ ताहीं उसके खास जगहां पै, अर कठिया कणक ताहीं खेत की छोर पै न्ही बोन्दा? 26 क्यूँके उसका परमेसवर उस ताहीं ठीक-ठीक काम करणा सिखावै अर बतावै सै।
27 काटण की गाड्डी तै तो सौंफ काट्टी न्ही जान्दी, अर गाड्डी का पहिया जीरे कै उप्पर न्ही चलाया जान्दा; पर सौंफ छड़ी तै, अर जीरा सोंटे तै झाड़या जावै सै। 28 रोट्टी के अन्न की कटणी करी जावै सै, पर कोए उस ताहीं सदा काटदा न्ही रहन्दा; अर ना गाड्डी के पहिये ना घोड़े उसपै चलावै सै, वो उसनै चूर-चूर न्ही करदा। 29 यो भी सेनाओं के यहोवा की ओड़ तै ठहराया होया सै, वो अदभुत युक्ति आळा अर महाबुद्धिमान सै।