1 हे द्वीपों, मेरी ओड़ कान लगाकै सुणो; हे दूर-दूर के राज्य के माणसों, ध्यान लगाकै मेरी सुणो! यहोवा नै मेरे ताहीं गर्भ ए म्ह तै बुलाया, जिब मै माँ के पेट म्ह था, जदे उसनै मेरा नाम बताया। 2 उसनै मेरे मुँह ताहीं तेज तलवार की तरियां बणाया अर अपणे हाथ की आड़ म्ह मेरे ताहीं छिपा राख्या; उसनै मेरे ताहीं चमकीला तीर बणाकै अपणे तरकश म्ह गुप्त राख्या; 3 अर मेरे ताहीं कह्या, "तू मेरा दास इस्राएल सै, मै तेरै म्ह अपणी महिमा प्रगट करुँगा।" 4 फेर मन्नै अपणे आप तै कह्या, "मन्नै तो बेकार मेहनत करी, मन्नै बेकार म्ह ए अपणी ताकत खो दी सै; फेर भी जरुर मेरा न्याय यहोवा कै धोरै सै अर मेरी मेहनत का फळ मेरे परमेसवर कै हाथ म्ह सै।"
5 अर इब यहोवा जिसनै मेरे ताहीं जन्म तै ए इस तरियां रच्या के मै उसका दास होकै याकूब नै उसकी ओड़ दोबारा ले आऊँ यानिके इस्राएल नै उसकै धोरै कठ्ठा करुँ, क्यूँके यहोवा की नजर म्ह मै आदर कै योग्य सूं अर मेरा परमेसवर मेरी ताकत सै, 6 यहोवा नै मेरे ताहीं न्यू भी कह्या सै, "यो तो हळकी सी बात सै के तू याकूब के गोत्रां का उद्धार करण अर इस्राएल के हिफाजत करे होए माणसां नै बोहड़ा ले आण कै खात्तर मेरा सेवक ठहरै; मै तेरे ताहीं जात-जात कै खात्तर ज्योति ठहराऊँगा के मेरा उद्धार धरती की एक ओड़ तै दुसरी ओड़ तक फैल जावै।"
7 जो माणसां तै तुच्छ जाण्या जान्दा, जिसतै जातियाँ नै घृणा सै, अर जो अधिकारियां का दास सै, इस्राएल का छुड़ाण आळा अर उसका पवित्र परमेसवर यानिके यहोवा न्यू कहवै सै, "राजा उसनै देखकै खड़े हो जावैंगे अर हाकिम दण्डवत करैगें; यो यहोवा कै निमित्त होगा, जो सच्चा अर इस्राएल का पवित्र परमेसवर सै अर जिसनै तेरे ताहीं चुण लिया सै।"
8 यहोवा न्यू कहवै सै, "अपणी खुशी कै बखत मन्नै तेरी सुण ली, उद्धार करण के दिन मन्नै तेरी मदद करी सै; मै तेरी रक्षा करकै तेरे ताहीं माणसां कै खात्तर एक करार ठहराऊँगा, ताके देश नै स्थिर करै अर उजड़ी होई जगहां नै उनके अधिकारियां के हाथ म्ह दे दे; अर कैदियाँ तै कह्ये, ‘बन्दीगृह तै लिकड़ आओ;’ 9 अर जो अंधियारे म्ह सैं उनतै कह्ये, ‘अपणे-आपनै दिखाओ।’ वे राह के किनारे-किनारे पेट भरण पावैंगें, सारे मुँण्ड़े टील्यां पै भी उननै चराई मिलैगी। 10 इस्राएल के बासिन्दे देश लिकाड़े तै बोहड़दे बखत भूखे अर प्यासे न्ही होवैंगे, ना लू अर ना घाम उननै लाग्गैगा, क्यूँके, वो जो उनपै दया करै सै, ओड़ै उनका अगुआ होवैगा, अर पाणी के चोयां कै धोरै उननै ले चाल्लैगा। 11 मै अपणे सारे पहाड़ां नै राह बणा दियुँगा, अर मेरे राजमार्ग ऊँच्चे करे जावैंगे। 12 देक्खो, ये दूर तै आवैंगे, अर, ये उत्तर अर पश्चिम तै अर सीनियांँ के देश तै आवैंगे।" 13 हे अकास जयजयकार कर, हे धरती, मगन हो; हे पहाड़ों, गळा खोलकै जयजयकार करो! क्यूँके यहोवा नै अपणी प्रजा ताहीं शान्ति दी सै अर अपणे दीन माणसां पै दया करी सै।
14 पर सिय्योन नै कह्या, "यहोवा नै मेरे ताहीं त्याग दिया सै, मेरा प्रभु मेरे ताहीं भूल ग्या सै।" 15 "के यो हो सकै सै के कोए माँ अपणे दूध पीन्दे बाळक नै भूल जावै अर अपणे जाम्मे होए लड़के पै दया ना करै? हाँ, वो तो भूल सकै सै, पर मै तन्नै न्ही भूल सकदा। 16 देख, मन्नै तेरी तस्वीर ताहीं अपणी हथेळियां पै खोदकै बणाई सै; तेरी शहरपनाह सदा मेरी नजर कै स्याम्ही बणी रहवै सै। 17 तेरे बाळक फुर्ती तै आण लागरे सैं अर खण्डहर बणाण आळे अर उजाड़ण आळे तेरे बीच तै लिकड़े जाण लागरे सैं। 18 अपणी निगांह ठाकै च्यांरु ओड़ देख, वे सारे के सारे कठ्ठे होकै तेरै धोरै आण लागरे सैं। यहोवा की या वाणी सै के मेरे जीवन की कसम, तू जरुर उन सारया नै गहणे की तरियां पैहर लेवैगी, तू दुल्हन की तरियां अपणे शरीर म्ह उन सारया नै बाँध लेवैगी।"
19 "तेरी जो जगहां सुनसान अर उजड़ी पड़ी सैं, अर तेरे जो देश खण्डहर ए खण्डहर सैं, उन म्ह इब बासिन्दे न्ही समावैगें, अर तेरे ताहीं नाश करण आळे दूर हो जावैंगे। 20 तेरे बेट्टे जो तेरै तै ले लिये गए वे फेर तेरे कान म्ह कहण पावैंगें, ‘या जगहां म्हारे खात्तर छोट्टी सै, हमनै और जगहां दे के हम उस म्ह रहवां।’ 21 फेर तू मन म्ह कहवैगी, ‘किसनै इन ताहीं मेरै खात्तर जन्माया? मै तो बे-ऊलाद अर बाँझ होगी थी, गुलाम्मी म्ह अर उरै-परै मै घुमदी रही, इन ताहीं किसनै पाळ्या? देख, मै एक्ली रहगी थी; फेर ये कित्त थे?’"
22 प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै, "देख, मै अपणा हाथ जात्ति-जात्ति के माणसां की ओड़ ठाऊँगा, अर देश-देश कै माणसां कै स्याम्ही अपणा झण्डा खड्या करुँगा; फेर वे तेरे बेट्टयाँ नै अपणी गोद म्ह लिये आवैंगे, अर तेरी बेटियाँ नै अपणे कंधे पै चढ़ाकै तेरै धोरै पोहचावैंगे। 23 राजा तेरे बाळकां के खुद सेवक होवैंगे अर उनकी राणी दूध प्याण खात्तर तेरी भोत सारी दाई होवैगीं। वे अपणी नाक धरती पै रगड़कै तेरे ताहीं दण्डवत करैगें अर तेरे पैरां की धूळ चाटैंगे। फेर तू न्यू जाण लेगी के मै ए यहोवा सूं; मेरी बाट देखण आळे कदे शर्मिन्दा न्ही होवैंगे।"
24 के वीर के हाथ तै शिकार खोस्या जा सकै सै? के दुष्ट के कैदी छुड़ाए जा सकै सैं? 25 फेर भी यहोवा न्यू कहवै सै, "हाँ, वीर के कैदी उसके हाथ तै खोस लिया जावैगा अर दुष्ट का शिकार उसतै छीन लिए जावैंगे, क्यूँके जो तेरै तै लड़ै सैं उनतै मै आप मुकद्दमा लड़ूँगा, अर तेरे बाल-बच्यां का मै उद्धार करुँगा। 26 जो तेरै पै अंधेर करै सैं उननै मै उन्हे का माँस खुवाऊँगा, अर, वे अपणा लहू पीकै इसे मतवाळे होवैंगे अर जिसे नये दाखमधु तै होवै सैं। फेर सारे प्राणी जाण लेंगे के तेरा उद्धारकर्ता यहोवा अर तेरा छुड़ाण आळा, याकूब का शक्तिमान परमेसवर मै ए सूं।"