1 यहोवा की या वाणी सै, "हाय उन धोक्खा देण आळे लड़क्यां पै जो योजना तो बणावै पर मेरी और तै न्ही; करार तो बाँधै पर मेरी आत्मा के सिखाए न्ही; अर इस तरियां पाप पै पाप बढ़ावै सैं। 2 वे मेरे तै बिन पूछै मिस्र म्ह जावै सैं ताके फिरौन की हिफाजत म्ह रहवै अर मिस्र के राजा की छाया म्ह शरण लें। 3 इस करकै फिरौन का शरणस्थान थारी शर्म का, अर मिस्र की छाया म्ह शरण लेणा थारी निन्दा का कारण होवैगा। 4 उसके हाकिम सोअन शहर म्ह आए तो सैं अर उसके दूत इब हानेस शहर म्ह पोहचे सैं। 5 वे सारे एक इसी जात्ति कै कारण शर्मिन्दा होवैंगे जिसतै उनका किमे फायदा ना होवैगा, जो मदद अर फायदा के बदले शर्म अर बदनाम्मी का कारण होवैगी।"
6 दक्षिण और के रेगिस्तान के पशुआं कै बारै म्ह भारी वचन। वे अपणी जायदाद ताहीं जवान गध्यां की पीठ पै, अर अपणे खजान्यां ताहीं ऊँट के कूबड़ पै लादे होए, संकट अर मुसीबत के देश म्ह होकै, जड़ै शेर अर शेरणी, नाग अर उड़ण आळे तेज जहरीले साँप रहवैं सैं, उन माणसां कै धोरै जाण लागरे सैं जिन ताहीं उननै फायदा ना होवैगा। 7 क्यूँके मिस्र की मदद बेकार अर निकम्मी सै, इस कारण मन्नै उस ताहीं बैठी रहण आळी रहब) अय्यू. 9:13, नीति. 8:9-10 कह्या सै।
8 यहोवा नै यशायाह तै कह्या इब जाकै इसनै उनके स्याम्ही पटियाँ पै खोद, के वो भविष्य खात्तर बलके सदा कै खात्तर गवाह बणी रहवै। 9 क्यूँके वे धोक्खा देण आळे माणस अर झूठ बोल्लण आळे लड़के सैं जो यहोवा की शिक्षा ताहीं सुणणा न्ही चाहन्दे। 10 वे नबियाँ तै कहवैं सैं, "नबी ना बणो; अर नबियाँ तै कहवैं सैं, म्हारे खात्तर ठीक नबूवत ना करो; म्हारे तै चिकणी-चुपड़ी बात बोल्लो, धोखा देण आळी नबूवत करो। 11 राह तै मुड़ो, रास्ता तै हटो, अर इस्राएल के पवित्र परमेसवर नै म्हारे स्याम्ही तै दूर करो।" 12 इस कारण इस्राएल का पवित्र न्यू कहवै सै, "थम माणस जो मेरे इस वचन ताहीं निकम्मा जाण्दे अर अंधेर अर कुटिलता पै भरोस्सा करकै उन्हे पै टेक लगाओ सो; 13 इस कारण यो अधर्म थारे खात्तर ऊँच्ची दीवार का टूट्या होया हिस्सा होवैगा जो पाटकै गिरण पै हो, अर वो चाणचक पलभर म्ह टूटकै गिर पड़ैगा, 14 अर कुम्हार के बरतन की तरियां फूटकै इसा चकणाचूर होवैगा के उसके टुकड्यां का एक ठीकरा भी न्ही मिलैगा जिसतै अँगीठी म्ह तै आग ली जावै या हौद म्ह तै पाणी लिकाड़या जावै।"
15 प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र परमेसवर न्यू कहवै सै, "बोहड़ आण अर शान्त रहण म्ह थारा उद्धार सै; शान्त रहण अर भरोस्सा राक्खण म्ह थारी वीरता सै।" पर थमनै इसा न्ही करया, 16 थमनै कह्या, "ना, हम तो घोड़यां पै चढ़कै भाजांगे," इस करकै थम भाज्जोगे; अर या भी कह्या, "हम तेज सवारी पै चाल्लांगें," इस करकै थारा पिच्छा करण आळे उसतै भी तेज होवैंगे। 17 एके की धमकी तै एक हजार भाजैंगे, अर पाँच की धमकी तै थम इसा भाज्जोगे के अन्त म्ह थम पहाड़ की चोट्टी के डण्डे या टील्ले के उप्पर के झण्डे की तरियां रह जाओगे जो निशान्नी कै खात्तर गाड्डे जावैं सैं।
18 तोभी यहोवा इस करकै देर करै सै के थारे पै अनुग्रह करै, अर इस करकै उप्पर उठैगा के थारे पै दया करै। क्यूँके यहोवा न्यायी परमेसवर सै; कितणे धन्य सैं वे जो उसपै उम्मीद लगाऐ रहवै सैं।
19 हे सिय्योन के माणसों थम यरुशलेम म्ह बसे रहो; थम फेर कदे ना रोओगे, वो थारी दुहाई सुणदे ए थारे पै पक्का अनुग्रह करैगा: वो थारी दुहाई सुणदे थारी मान्नैगा। 20 अर चाहे प्रभु थमनै मुसीबत की रोट्टी अर दुःख का पाणी भी दे, तोभी थारे प्रचारक फेर न्ही छिपैं, अर थम अपणी आँख्यां तै अपणे प्रचारकां ताहीं देखदे रहोगे। 21 अर जिब कदे थम ओळी या सोळी ओड़ मुड़ण लाग्गो, फेर थारै पाच्छै तै या यहोवा का वचन थारे कान्नां म्ह पड़ैगा, "राह याए सै, इस्से पै चाल्लो।" 22 फेर थम वो चाँदी जिसतै थारी खुदी होई मूर्ति मढ़ी सैं, अर वो सोन्ना जिसतै थारी ढळी होई मूर्ति गहण्यां तै सजी होई सैं, अशुद्ध करोगे। थम उननै मैल्ले कुचले कपड़े की तरियां फेंक द्योगे अर कहोगे, दूर हो। 23 वो थारै खात्तर पाणी बरसावैगा के थम खेत म्ह बीज बो सको, अर धरती की उपज भी बढ़िया अर बहुतायत तै होवैगी। उस बखत थारे जानवरां नै लाम्बी-चौड़ी चराई मिलैगी। 24 अर बळध अर गधे जो थारी खेत्ती के काम म्ह आवैंगे, वे सूप अर डलिया तै फटक्या होया स्वादिष्ट चारा खावैंगे। 25 उस महासंहार के बखत जिब गुम्मट गिर पड़ैंगे, सारे ऊँचे-ऊँचे पहाड़ां अर पहाड़ियाँ पै नालियाँ अर सोत्ते पाए जावैंगे। 26 उस बखत यहोवा अपणी प्रजा के माणसां का घाव बाँधैगा अर उनकी चोट ठीक करैगा; फेर चन्द्रमा की रोशनी सूरज की जिसी, अर सूरज की रोशनी सात गुणा होवैगी, यानिके सप्ताह भर की रोशनी एक दिन म्ह होवैगी।
27 देक्खो, यहोवा का नाम दूर तै चल्या आवै सै, उसका छो भड़क उठ्या सै, अर धुएँ का बादळ उठ रह्या सै; उसके होठ छो तै भरे होए अर उसकी जीभ भस्म करण आळी आग की तरियां सै। 28 उसकी साँस इसी उमड़ण आळी नदी की तरियां सै जो गळे ताहीं पोहचै सै; वो सारी जातियाँ नै नाश के सूप तै फटकैगा, अर देश-देश कै माणसां ताहीं भटकाण कै खात्तर उनके जबड़याँ म्ह लगाम लगावैगा
29 फेर थम पवित्र त्यौहार की रात का जिसा गीत गाओगे, अर जिस तरियां माणस यहोवा के पहाड़ की और उसतै मिलण ताहीं, जो इस्राएल की चट्टान सै, बाँसुरी बजान्दे होए जावैं सैं, उसे तरियां ए थारे मन म्ह भी आनन्द होवैगा। 30 अर यहोवा अपणी प्रतापी वाणी सुणावैगा, अर अपणा गुस्सा भड़कान्दा अर आग की लौ तै भस्म करदा होया, अर प्रचण्ड आँधी अर घणी बारिस अर ओळयां कै गैल अपणा भुजबल दिखावैगा। 31 अश्शूर यहोवा के शब्द की शक्ति तै नाश हो जावैगा, वो उसनै सोंटे तै मारैगा। 32 जिब-जिब यहोवा उस नै सजा देवैगा, तब-तब डफ अर वीणा गैल बजैंगी; अर वो हाथ बढ़ाकै उस ताहीं लगातार मारदा रहवैगा। 33 भोत बखत तै तोपेत त्यार करया ग्या सै, वो राजा ए कै खात्तर ठहराया गया सै, वो लाम्बा-चौड़ा अर ढुंघा भी बणाया गया सै, ओड़ै की चिता म्ह आग अर भोत सी लाकड़ी सैं; यहोवा की साँस जळदी होई गन्धक की धारा की तरियां उस ताहीं सुलगावैगी।