1 यहोवा भला हो के तू अकास नै पाड़कै उतर आवै अर पहाड़ तेरै स्याम्ही काँम्ब उठै। 2 जिस तरियां आग झाड़-बोजड़े नै जळा देवै या पाणी नै उबाळ देवै सै, उसे ढाळ तू अपणे बैरियाँ पै अपणा नाम इसा जाहिर कर के जात्ति-जात्ति के माणस तेरे प्रताप तै काँम्ब उठै! 3 जिब तन्नै इसे भयानक काम करे जो म्हारी आशा तै भी बढ़कै थे, फेर तू उतर आया, पहाड़ तेरे प्रताप तै काँम्ब उठे। 4 क्यूँके पुराणे बखत तै ए तेरे ताहीं छोड़ हमनै कोए और इसा परमेसवर ना तो कदे देख्या गया अर ना कान तै उसकी चर्चा सुणी गई जो अपणी बाट देखण आळयां कै खात्तर काम करै। 5 तू तो उनतै ए मिलै सै जो धर्म के काम खुशी कै गैल करै, अर तेरे राह पै चाल्दे होए तन्नै याद करै सैं। देख, तू छो म्ह होया था, क्यूँके हमनै पाप करया; म्हारी या हालत तो लम्बे बखत तै सै, के म्हारा उद्धार हो सकै सै? 6 हम तो सारे के सारे अशुद्ध माणस जिसे सां, अर म्हारे धार्मिकता के काम सारे के सारे मैल्ले चिथड्यां की तरियां सैं। हम सबके सब पत्यां की तरियां मुरझा जावां सां, अर म्हारे अधर्म कै काम नै म्हारे ताहीं हवा की तरियां उड़ा दिया सै। 7 कोए भी तेरै तै प्रार्थना न्ही करदा, ना कोए तेरै तै मदद लेण खात्तर चौकसी करै सै के तेरै तै लिपट्या रहवै; क्यूँके म्हारे अधर्म के काम्मां कै कारण तन्नै म्हारे तै अपणा मुँह लह्को लिया सै, अर म्हारे ताहीं म्हारी बुराईयाँ कै बस म्ह छोड़ दिया सै।
8 फेर भी, हे यहोवा, तू म्हारा पिता सै; देख, हम तो माट्टी सां, अर तू म्हारा कुम्हार सै; हम सबके सब तेरे हाथ के काम सां। 9 इस करकै हे यहोवा, घणा छो म्ह ना हो, अर अनन्त काल तक म्हारे अधर्म नै याद ना राक्खै। विचार करकै देख, हम तेरे तै बिनती करां सां, हम सब तेरी प्रजा सां। 10 देख, तेरे पवित्र नगर जंगळ होगे, सिय्योन सुनसान होग्या सै, यरुशलेम उजड़ ग्या सै। 11 म्हारा पवित्र अर शोभायमान मन्दर, जिस म्ह म्हारे बुजुर्ग तेरी स्तुति करैं थे, आग तै जळाया गया, अर म्हारी मनभावणी चीज सारी नाश होगी। 12 हे यहोवा, के इन बात्तां के होन्दे होए भी तू खुद नै रोक्के रहवैगा? के तू म्हारै ताहीं इस भोत बुरी हालत म्ह रहण देवैगा?