13 हे49:13 भजन. 96:11-13; यिर्म. 31:13 अकास जयजयकार कर, हे धरती, मगन हो; हे पहाड़ों, गळा खोलकै जयजयकार करो! क्यूँके यहोवा नै अपणी प्रजा ताहीं शान्ति दी सै अर अपणे दीन माणसां पै दया करी सै।
14 पर सिय्योन नै कह्या, "यहोवा नै मेरे ताहीं त्याग दिया सै, मेरा प्रभु मेरे ताहीं भूल ग्या सै।" 15 "के यो हो सकै सै के कोए माँ अपणे दूध पीन्दे बाळक नै भूल जावै अर अपणे जाम्मे होए लड़के पै दया ना करै? हाँ, वो तो भूल सकै सै, पर मै तन्नै न्ही भूल सकदा। 16 देख, मन्नै तेरी तस्वीर ताहीं अपणी हथेळियां पै खोदकै बणाई सै; तेरी शहरपनाह सदा मेरी नजर कै स्याम्ही बणी रहवै सै।