1 लोगां नै जवाब दिया, जो खबर म्हारे तै दी गई, उसका किसनै बिश्वास करया? अर यहोवा का भुजबल किसपै प्रगट होया? 2 क्यूँके वो उसकै स्याम्ही अंकुर की तरियां, अर इसी जड़ की तरियां उग्या जो सूक्खी धरती म्ह फूट लिकड़ै; उसकी ना तो कुछ सुन्दरता थी के हम उसनै देखदे, अर ना उसका रूप ए हमनै इसा दिखाई पड़या के हम उस ताहीं चाहन्दे। 3 वो तुच्छ जाण्या जान्दा अर माणसां का छोड्या होया था; वो दुःखी माणस था, रोग तै उसकी जाण-पिछाण थी; अर माणस उसतै मुँह फेर लेवैं थे। वो निकम्मा जाण्या गया, अर, हमनै उसका मोल न्ही जाण्या।
4 पक्का53:4 मत्ती 8:17; 1 पत. 2:24 उसनै म्हारे रोगां ताहीं सह लिया अर म्हारे ए दुःखां ताहीं ठा लिया; फेर भी हमनै उस ताहीं परमेसवर का मारया-कूट्या अर बुरी हालत म्ह पड्या होया समझया। 5 पर53:5 रोम. 4:25; 1 पत. 2:24 वो म्हारे ए अपराध्धां कै कारण घायल करया गया, वो म्हारे अधर्म के काम्मां कै कारण कुचल्या गया; म्हारी ए शान्ति कै खात्तर उसपै फटकार पड़ी ताके उसके कोड़े खाण तै हम चंगे हो जावां। 6 हम53:6 प्रेरि. 10:43; 1 पत. 2:25 तो सारे के सारे भेड्डां की तरियां भटकगे थे; म्हारे म्ह तै हर एक नै अपणा-अपणा राह लिया; अर यहोवा नै हम सारया के अधर्म का बोझ उस्से पै लाद दिया।
7 वो सताया गया53:7 यूह. 1:29; मत्ती 27:12,14; मर. 15:4,5; 1 कुरि. 5:7; प्रका. 5:6,12, फेर भी वो सहन्दा रहया अर अपणा मुँह न्ही खोल्या; जिस तरियां भेड़ मारे जाणकै बखत अर भेड़ी ऊन कतरण के बखत चुपचाप शान्त रहवै सै, उस्से तरियां उसनै भी अपणा मुँह न्ही खोल्या। 8 अत्याचार करकै53:8 प्रेरि. 8:32,33 अर दोष लगाकै वे उसनै लेगे; उस बखत के माणसां म्ह तै किसनै इसपै ध्यान दिया के वो जीवित्यां कै बीच म्ह तै ठा लिया गया? मेरे ए माणसां के अपराध्धां कै कारण उसनै मौत मिली सै। 9 उसकी कब्र53:9 1 कुरि. 15:3; 1 पत. 2:22; 1 यूह. 3:5; यूह. 19:38-42 भी दुष्टां कै गैल ठहराई गई, अर मौत के बखत वो अमीर का साथी होया, पर उसनै किसे तरियां का हुड़दंग न्ही करया था अर उसके मुँह तै कदे छळ की बात न्ही लिकड़ी थी।
10 फेर भी यहोवा नै योए भाया के उसनै कुचलै; उस्से नै उस ताहीं रोगी कर दिया; जिब वो अपणा प्राण दोषबलि करै, फेर वो अपणा वंश देक्खण पावैगा, वो घणे दिन जिन्दा रहवैगा; उसके हाथ तै यहोवा की इच्छा पूरी हो जावैगी। 11 वो53:11 यूह. 1:29; मत्ती 27:12; मर. 15:4-5, अपणे प्राण का दुःख ठाकै उसनै देक्खैगा अर तृप्त होवैगा; अपणे ज्ञान के जरिये मेरा धर्मी दास घणखरयां ताहीं धर्मी ठहरावैगा; अर उनके अधर्म कै काम्मां का बोझ आप ठा लेवैगा। 12 इस करकै मै उसनै महान माणसां कै गैल हिस्सा देऊँगा, अर वो ताकतवरां कै गैल लूट-बाँट लेवैगा; क्यूँके उसनै अपणा प्राण मौत कै खात्तर उण्डेल दिया, वो अपराधियाँ कै गैल गिण्या गया, फेर भी उसनै घणखरयां के पाप का बोझ ठा लिया, अर, अपराधी कै खात्तर बिनती करै सै।