5 पर वो म्हारे ए अपराध्धां कै कारण घायल करया गया, वो म्हारे अधर्म के काम्मां कै कारण कुचल्या गया; म्हारी ए शान्ति कै खात्तर उसपै फटकार पड़ी ताके उसके कोड़े खाण तै हम चंगे हो जावां। 6 हम तो सारे के सारे भेड्डां की तरियां भटकगे थे; म्हारे म्ह तै हर एक नै अपणा-अपणा राह लिया; अर यहोवा नै हम सारया के अधर्म का बोझ उस्से पै लाद दिया।
7 वो सताया गया, फेर भी वो सहन्दा रहया अर अपणा मुँह न्ही खोल्या; जिस तरियां भेड़ मारे जाणकै बखत अर भेड़ी ऊन कतरण के बखत चुपचाप शान्त रहवै सै, उस्से तरियां उसनै भी अपणा मुँह न्ही खोल्या।