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यशायाह 54:1,2,11-13

सदा की शान्ति का करार

1 यहोवा54:1 भजन. 113:9; गला. 4:27 यरुशलेम तै न्यू कहवै सै, "हे बाँझ, तू जो बे-ऊलाद सै जयजयकार कर; तू जिसनै जच्‍चा की जिसी पीड़ न्ही होई, गळा खोलकै जयजयकार कर अर पुकार! क्यूँके छोड्डी होई के बाळक सुहागण के बाळकां तै घणे होवैंगे, यहोवा का योए वचन सै। 2 अपणे तम्बू की जगहां चौड़ी कर, अर तेरे डेरे के पट लाम्बे करे जावैं; हाथ नै ना रोक, रस्सियाँ ताहीं लाम्बी अर खूँटया ताहीं मजबूत कर।

नई यरुशलेम नगरी

11 "हे दुःखियारी, तू जो आँधी की सताई सै अर जिस ताहीं शान्ति न्ही मिली, सुण, मै तेरै ताहीं कीमती पत्थरां तै पच्‍चीकारी दोबारा बणाकै बिठाऊँगा, अर तेरी नींव नीलमणि तै डालूँगा। 12 तेरे कलश मै माणिक्याँ तै, तेरे फाटक लालड़ियां तै अर तेरी सारी सीमा की दीवारां नै मनोहर रत्नां तै बणाऊँगा। 13 तेरे54:13 नीति. 16:4, रोम. 9:22 सारे छोरे यहोवा के सिखाए होए होवैंगे, अर उननै बड़ी शान्ति मिलैगी।

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