6 "जिस उपवास तै मै खुश होऊँ सूं58:6 लूका. 4:18,19; नीति. 21:3; याकू. 1:27, वो के यो न्ही, के, अन्याय तै बणाये होए दास्सां, अर अंधेर सहण आळयां का जूआ तोड़कै उननै छुड़ा लेणा, अर, सारे जूयां ताहीं टुकड़े-टुकड़े कर देणा? 7 के वो यो न्ही सै58:7 इब्रा. 13:2,3; नीति. 25:21; 28:27; मत्ती 25:35,36 के अपणी रोट्टी भूख्यां ताहीं बाँट देणा, अनाथ अर मारे-मारे फिरदे होया नै अपणे घरां ले आणा, किसे नै नंगा देखकै कपड़े पिहराणा, अर अपणे जात्ति भाईयाँ तै खुद ताहीं ना छिपाणा? 8 फेर58:8 भजन. 37:6; यिर्म. 33:6; लूका. 1:78-79 तेरा चाँदणा पौ पाटण की तरियां चमकैगा, अर तू तावळा चंगा हो जावैगा; तेरी धार्मिकता तेरै आग्गै-आग्गै चाल्लैगी, यहोवा का तेज तेरै पाच्छै हिफाजत करदा चाल्लैगा। 9 फेर तू पुकारैगा अर यहोवा उत्तर देवैगा; तू दुहाई देवैगा अर वो कहवैगा, ‘मै उरै सूं।’ जै तू अंधेर करणा अर उंगळी ठाणा, अर, बुरी बात बोलणा छोड़ दे,
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