एक नई सृष्टि
17 "क्यूँके देक्खो, मै नया अकास अर नई धरती पैदा करुँ सूं; अर पैहली बात याद ना रहवैंगी अर सोच विचार म्ह भी न्ही आवैगी। 18 इस करकै जो मै पैदा करण पै सूं, उसके कारण थम खुश हो अर सदा सर्वदा मगन रहो; क्यूँके देक्खो, मै यरुशलेम नै मगन अर उसकी प्रजा नै आनन्दित करुँगा। 19 मै खुद यरुशलेम कै कारण मगन, अर अपणी प्रजा खात्तर खुश होऊँगा; उस म्ह फेर रोण या चिल्लाण का शब्द सुणाई ना पड़ैगा।