16 थारी किसी उलटी समझ सै! के कुम्हार माट्टी कै लायक गिण्या जावैगा? के बणाई होई चीज अपणे कर्ता कै बारै म्ह कहवै "उसनै मेरे ताहीं न्ही बणाया," या रची होई चीज अपणे रचणआळे कै बारै म्ह कहवै, "वो कुछ समझ न्ही राखदा?"
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16 थारी किसी उलटी समझ सै! के कुम्हार माट्टी कै लायक गिण्या जावैगा? के बणाई होई चीज अपणे कर्ता कै बारै म्ह कहवै "उसनै मेरे ताहीं न्ही बणाया," या रची होई चीज अपणे रचणआळे कै बारै म्ह कहवै, "वो कुछ समझ न्ही राखदा?"