6 अकास की और अपणी निगांह ठाओ, अर धरती नै देक्खों; क्यूँके अकास धुएँ की तरियां लोप हो जावैगा, धरती कपड़े की तरियां पुराणी हो जावैगी, अर उसके रहण आळे इसेए हो जावैंगे; पर जो उद्धार मै करुँगा वो सदा बण्या रहवैगा, अर मेरी धार्मिकता का अन्त न्ही होवैगा।"
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