12 "क्यूँके थम आनन्द कै गैल बाबेल तै लिकड़ोगे, अर शान्ति कै गैल पोंहचाए जाओगे; थारै आग्गै-आग्गै पहाड़ अर पहाड़ियाँ गळा खोलकै जयजयकार करैंगी, अर मैदान के सारे दरखत आनन्द के मारे ताळी बजावैंगे।
Publicidade
Publicidade
12 "क्यूँके थम आनन्द कै गैल बाबेल तै लिकड़ोगे, अर शान्ति कै गैल पोंहचाए जाओगे; थारै आग्गै-आग्गै पहाड़ अर पहाड़ियाँ गळा खोलकै जयजयकार करैंगी, अर मैदान के सारे दरखत आनन्द के मारे ताळी बजावैंगे।