परमेसवर के जरिये जात्ति-जात्ति का न्याय
1 यहोवा न्यू कहवै सै:66:1 प्रेरि. 7:48-50; मत्ती 5:34,35 "अकास मेरा सिंहासन अर धरती मेरे चरणा की चौक्की सै; थम मेरै खात्तर किसा भवन बणाओगे, अर मेरे आराम की कौण सी जगहां होवैगी?" 2 यहोवा66:2 भजन. 34:18; मत्ती 5:3 की या वाणी सै, ये सारी चीज मेरे ए हाथ की बणाई होई सैं, इस करकै ये सब मेरी ए सैं। पर मै उसे की ओड़ ध्यान करुँगा जो दीन अर दुखी मन66:2 दीन अर दुखी मन इसा मन जो टूट्या होया हो, कुचल्या होया हो या पाप तै भोत घणा प्रभावित रहया हो। का हो, अर मेरा वचन सुणकै थरथरान्दा हो।