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भजन संहिता 104

14 पशि,

और मनों िअनआदि उपजै,

और इस ि ि वह जन-वसउतपनकरत

15 और खमधिससमनमन आननिै,

और िससउसकचमकतै,

और अनिससवह समभल ै।

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