33 मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूँगा;
जब तक मैं बना रहूँगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूँगा।
34 मेरे सोच-विचार उसको प्रिय लगे,
क्योंकि मैं तो यहोवा के कारण आनन्दित रहूँगा।
33 मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूँगा;
जब तक मैं बना रहूँगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूँगा।
34 मेरे सोच-विचार उसको प्रिय लगे,
क्योंकि मैं तो यहोवा के कारण आनन्दित रहूँगा।