39 उसने छाया के लिये बादल फैलाया,
और रात को प्रकाश देने के लिये आग प्रगट की।
40 उन्होंने माँगा तब उसने बटेरें पहुँचाई,
और उनको स्वर्गीय भोजन से तृप्त किया। (यूह. 6:31)
41 उसने चट्टान फाड़ी तब पानी बह निकला;
और निर्जल भूमि पर नदी बहने लगी।
39 उसने छाया के लिये बादल फैलाया,
और रात को प्रकाश देने के लिये आग प्रगट की।
40 उन्होंने माँगा तब उसने बटेरें पहुँचाई,
और उनको स्वर्गीय भोजन से तृप्त किया। (यूह. 6:31)
41 उसने चट्टान फाड़ी तब पानी बह निकला;
और निर्जल भूमि पर नदी बहने लगी।