6 हे यहोवा, अपनी दया और करुणा के कामों को स्मरण कर;
क्योंकि वे तो अनन्तकाल से होते आए हैं।
7 हे यहोवा, अपनी भलाई के कारण
मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न करमेरी जवानी के .... स्मरण न कर: परमेश्वर की प्रबल विषमता में भजनकार अपना ही आचरण एवं जीवन सामने रखता है। ;
अपनी करुणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।