25 मैं लड़कपन से लेकर बुढ़ापे
तक देखता आया हूँ;
परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ,
और न उसके वंश को टुकड़े माँगते देखा है।
25 मैं लड़कपन से लेकर बुढ़ापे
तक देखता आया हूँ;
परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ,
और न उसके वंश को टुकड़े माँगते देखा है।
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