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Salmos 51

षमिथन

1 परमवर, अपनकरअनपर अनरह कर;

अपनबड़ी दयअनअपरों िे। (18:13, यशा. 43:25)

2 भलाँि कर अधरकर,

और ़ाकर कर!

3 ैं अपनअपरों नतूँ,

और िरनतर ि ें रहतै।

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