परमेश्वर की स्तुति और धन्यवाद
1 हे परमेश्वर, सिय्योन में स्तुति तेरी बाट जोहती है;
और तेरे लिये मन्नतें पूरी की जाएँगी65:1 तेरे लिये मन्नतें पूरी की जाएँगी: परमेश्वर के प्रगट न्याय तथा उसकी भलाई के प्रमाणों को देखकर मनुष्य ने जो शपथ खाई या प्रतिज्ञाएँ की है, यह उनके संदर्भ में है। ।
2 हे प्रार्थना के सुननेवाले!
सब प्राणी तेरे ही पास आएँगे। (प्रेरि. 10:34,35, यशा. 66:23)
3 अधर्म के काम मुझ पर प्रबल हुए हैं;
हमारे अपराधों को तू क्षमा करेगा।