15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है,
वह मैदान के फूल के समान फूलता है,
16 जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता,
और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
17 परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग-युग,
और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है, (लूका 1:50)
18 अर्थात् उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते
और उसके उपदेशों को स्मरण करके उन पर चलते हैं।