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स्तोत्र 103:15-18

OHSS Hindi Contemporary Version

15 मनुष्य से संबंधित बातें यह है, कि उसका जीवन घास समान है,

वह मैदान के पुष्प समान खिलता है,

16 उस पर उष्ण हवा का प्रवाह होता है और वह नष्ट हो जाता है,

किसी को यह स्मरण तक नहीं रह जाता, कि पुष्प किस स्थान पर खिला था,

17 किंतु याहवेह का करुणा-प्रेम उनके श्रद्धालुओं

पर अनादि से अनंत तक,

तथा परमेश्वर की धार्मिकता उनकी संतान की संतान पर स्थिर बनी रहती है.

18 जो उनकी वाचा का पालन करते

तथा उनके आदेशों का पालन करना याद रखते हैं.

Em outras traduções

  1. HSB Hindi Standard Bible

    15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है;

    वह मैदान के फूल के समान फूलता है,

    16 जो हवा का झोंका लगते ही ठहर नहीं पाता,

    और अपने स्थान पर फिर दिखाई नहीं देता।

    17 परंतु यहोवा की करुणा उसका भय माननेवालों पर सदा-सर्वदा

    और उसकी धार्मिकता उनके नाती-पोतों पर बनी रहती है,

    18 अर्थात् उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते

    और उसके उपदेशों को स्मरण करके उन पर चलते हैं।

  2. IRVHIN Indian Revised Version (IRV) Hindi - 2019

    15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है,

    वह मैदान के फूल के समान फूलता है,

    16 जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता,

    और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।

    17 परन्तु यहोवा की करुणा उसके डरवैयों पर युग-युग,

    और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है, (लूका 1:50)

    18 अर्थात् उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते

    और उसके उपदेशों को स्मरण करके उन पर चलते हैं।

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