Pular para o conteúdo
Publicidade

स्तोत्र 49

िशक िे. ों रचना. एक .

1 िि्‍ों ििो, यह ो;

धरतिो, यह ो,

2 अरउचऔर ि,

अरजनऔर अमो,

3 ैं िें करनपर ूं;

तथदय िंतन समझ परिा.

4 ैं िवचन पर ूंा;

ैं ि्‍गत पर पहपषकरूंा:

5 आवशयकतिपति समय भयभी,

जब रतैं;

6 ां, िनकभरउनकपति पर ै,

तथिें अपनसमपन्‍नतगरै?

7 मनिअनमनों उदनहीं कर सकता,

और वह परमवर िों ि़ौसकतै.

8 ोंि उसकों अतै,

ि पर्‍नहीं ै,

9 ि मनसरवदिरहे,

वह कभकबअनभव करे.

10 सभमनयह पषै, ि सभिै;

ों और अजिों ी,

सभअपनपति सरों िैं.

11 उनकआतें उनकिै, ि उनकआवअमर ैं,

तथउनकिसभ़िों िगए ैं,

अपनों अपनरनलगैं.

12 अपनऐशवरवजमनअमरत्‍नहीं कर सकता;

वह िनशवर पशसमै.

13 यह ियति उनकै, िैं तथउनकी,

उनकिों सहमत ैं.

14 ़ों समअधउनकियति ै;

उनकचरवा.

उन पर सन करें

तथउनकअधी,

परिमसवरउनकआधरह एगा.

15 परमवर अधमरिे;

िचयतवह कर ेंे.

16 ििकसिरहसमि डर ा,

जब उसकवनशभवशलगे;

17 ोंि पर वह इनमें अपननहीं एगा,

उसकभव उसककबें नहीं उतरा.

18 यदयपि जब वह िा,

उसनरश्‍ी, ोंि मनसमपर उनकरशकरतैं,

19 वह ततअपनवजों ें िा,

िनकिवन रकखनियत नहीं ै.

20 एक धनवमनि गयै,

उसमें और उस शमपशें तर नहीं रह गया!

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também