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स्तोत्र 15

एक .

1 हव, आपकें रह सका?

आपकपविपरवत पर िकर सका?

2 वही, िसकआचरण िकलै,

िकतआचरण करतै,

दय सच लतै;

3 िसकिंशबनहीं िकलते,

अपनपड़ोकरतै,

और अपनििी,

4 िसकिहवि ें िकमिै,

िंहवभय ननसम;

हर पर अपनरतिकरतै,

उसकि ों ो;

5 ऋण कर नहीं ा;

और ििगवउदनहीं ा.

इस रकआचरण सदिरह

वह कभडगमगएगा.

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